
UPSC Success Story: यूपीएससी की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षा में से एक मानी जाती है। इस परीक्षा को पास करना बेहद मुश्किल होता है। हर साल लाखों की संख्या में अभ्यर्थी इस परीक्षा को देने के लिए प्लानिंग करते हैं लेकिन इस परीक्षा को पास करना बेहद ही मुश्किल होता है। देश के गली-गली में बच्चे यूपीएससी की तैयारी करते हैं लेकिन इसकी तैयारी करने से यह एक्जाम क्रैक नहीं होता है इसके लिए बेहद कठिन संघर्ष करना पड़ता है।
आज हम आपको बिश्नोई समाज की पहली महिला आईएएस ऑफिसर के बारे में बताएंगे जो देखने में किसी अभिनेत्री से काम नहीं है। जी हां हम बात कर रहे हैं परी बिश्नोई के बारे में, परी बिश्नोई ने कठिन संघर्ष से यूपीएससी जैसी परीक्षा को पास कर दिखाया।
एडवोकेट की बेटी बनी आईएएस (UPSC Success Story)
परी बिश्नोई राजस्थान के अजमेर जिले की रहने वाली है। यह बिश्नोई समाज की पहली महिला आईएएस ऑफिसर है। परी बिश्नोई की मां का नाम सुशीला बिश्नोई है जो अजमेर जीआरपी थाना अधिकारी है वहीं उनके पिता का नाम मनीराम बिश्नोई है जो एक एडवोकेट है। आपको बता दे की परी बिश्नोई का परिवार पढ़ा लिखा है। परी बिश्नोई ने 12वीं में ही फैसला कर लिया था कि वह आगे जाकर यूपीएससी क्रैक कर आईएएस ऑफिसर बनेगी।
परी बिश्नोई ने आईएएस ऑफिसर बनने के लिए कठिन संघर्ष किया और उनके घर वालों ने भी उन्हें हमेशा मोटिवेट किया। वह अपनी मां को देखकर हमेशा समाज सेवा करने के बारे में सोचती रहती थी। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा को क्रैक कर दिखाई।
IAS परी बिश्नोई एजुकेशन
आपको बता दे परी विष्णु ने अपनी शुरुआती पढ़ाई राजस्थान से की है इसके बाद वह ग्रेजुएशन के लिए दिल्ली चली गई। दिल्ली यूनिवर्सिटी से उन्होंने ग्रेजुएशन की डिग्री ली इसके बाद उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएट से एमडीएस यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस से पढ़ाई की।
साल 2019 में परी ने अपने तीसरे अटेंप्ट में सफलता हासिल की। उन्होंने UPSC CSE 2019 की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 30वीं हासिल की और IAS के पद पर नियुक्त हुई। आपको बता दे 23 साल की उम्र में परी बिश्नोई ने यूपीएससी क्रैक कर दिखाया।

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