
Nepal: नेपाल भारत का पड़ोसी देश है और भारत के साथ नेपाल के रिश्ते भी काफी अच्छे हैं। समय था जब नेपाल भारत में शामिल होना चाहता था उसे समय त्रिभुवन वीर विक्रम शाह ने पंडित जवाहरलाल नेहरू को ऑफर दिया था जिससे दक्षिण का नक्शा और भविष्य दोनों ही बदल सकता था। उसे समय राजा चाहते थे कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए नेपाल को भारत में विलय हो जाए।
नेपाल आज राजनीतिक अस्थिरता का शिकार बना हुआ है। पिछले कई सालों से नेपाल में राजनीतिक और सामाजिक और शांति देखने को मिल रही है। नेपाल लंबे समय से भ्रष्टाचार में डूबा रहा। 17 साल में नेपाल में 14 बार प्रधानमंत्री बदल चुके हैं इसी बीच अभी विवाद हुआ जब नेपाल में ओली को इस्तीफा देना पड़ा है।
1951 में राजा ने दिया था नेहरू को मौका (Nepal)
1951 में जब त्रिभुवन वीर सा नेपाल के राजा बने तो उन्होंने अपने देश में आने वाले स्थिति का आकलन कर लिया था और उन्होंने नेपाल को भारत में विलय करने का ऑफर दिया था।
भारत में पूर्व राष्ट्रपति और दिग्गज कांग्रेसी नेता प्रणब मुखर्जी ने देश के प्रधानमंत्री के काम के तरीके की टिप्पणी करते हुए अपनी जीवनी द प्रेसिडेंशियल इयर्स में इस घटना का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि नेपाल के राजा ने जब सुझाव दिया था कि नेपाल को भारत में विलय कर लिया जाए उसे समय नेहरू ने इस आधार पर इसे नहीं स्वीकार किया कि नेपाल एक स्वतंत्र राष्ट्र है और उसे स्वतंत्र रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उसे समय इंदिरा गांधी होती तो इस मौके का फायदा उठाती और नेपाल को हमारे देश में शामिल कर लेती। नेपाल में लंबे समय से निरंकुश शासन था और अब एक बार फिर से नेपाल में विद्रोह छिड़ गया है। अब जल्दी नेपाल में नए शासक चुना जा सकता है देखना होगा कौन नए शासक बनने वाला है।
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