
Thawe Temple : नवरात्रि का पावन महीना चल रहा है और इस महीने में देश भक्ति मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं। इस नवरात्रि का आरंभ 21 सितंबर 2025 को हुआ था और 2 अक्टूबर 2025 को नवरात्रि की समाप्ति हो जाएगी। नवरात्रि खत्म होने से पहले आपको बिहार के एक चमत्कारी दुर्गा मंदिर में दर्शन जरूर करना चाहिए। यह चमत्कारी दुर्गा मंदिर बिहार के सिवान जिले के पास स्थित गोपालगंज जिले में स्थित है।
बेहद चमत्कारी है थावे मंदिर (Thawe Temple)
बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित थावे मंदिर बिहार चमत्कारी मंदिर है जहां मां दुर्गा राजा का घमंड तोड़ने के लिए अपने भक्त के मस्तक से प्रकट हुई थी। इस मंदिर में देश-विदेश से बड़े पैमाने पर भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं और सालों भर मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। मंदिर को बेहद खूबसूरत तरीके से बनाया गया है और इस मंदिर के पास एक घना जंगल भी है जहां घूमने के लिए भक्त जाते हैं।
मंदिर के पास है एक घना जंगल और खूबसूरत तालाब (Thawe Temple)
इस मंदिर के पास एक घना जंगल और खूबसूरत तालाब है जो देखने में बेहद ही शानदार लगता है। आप अगर थावे मंदिर में दर्शन करने जाते हैं तो आपको एक बार इस घने जंगल को जरुर देखना चाहिए इसके साथ ही यहां लाल पानी वाला तालाब भी है जो की बेहद खूबसूरत दिखता है। स्थानीय लोगों की माने तो जो भी माता का दर्शन करने आता है माता उसके हर मनोकामना पूरी करती है।
जानिए रहसू भगत की कहानी (Thawe Temple)
चेरो वंश के राजा मनन सिंह खुद को मां दुर्गा का बड़ा भक्त मानते थे। तभी अचानक उस राजा के राज्य में अकाल पड़ गया। उसी दौरान थावे में माता रानी का एक भक्त रहषु रहा करता था। रहषु द्वारा पटेर को बाघ से दौनी करने पर चावल निकलने लगा। मंत्रियों ने यह बात राजा तक पहुंचाई लेकिन राजा को इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा था। राजा रहषु के विरोध में हो गया और उसे ढोंगी, पाखंडी कहने लगा और उसने रहषु से कहा कि मां के बहुत बड़े भक्त हो तो मां को यहां बुलाओ।
रहसू भगत ने राजा से कहा कि राजा जिद मत करो क्योंकि अगर माता यहां आ गई तो सब कुछ तबाह हो जाएगा लेकिन राजा कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था और उसने कहा कि अपनी माता को तुरंत बुलाओ अगर तुम माता के सच्चे भक्त हो तो साबित करके दिखाओ। इसके बाद भगत ने माता को बुलाया और माता ने कामाख्या से चलकर सीधे थावे आने का फैसला लिया।
रहसू भगत के मस्तक को फाड़ कर माता यहां प्रकट हुई लेकिन उसके बाद राजा का महल टूट गया इसके साथ ही सब कुछ बर्बाद हो गया। मां दुर्गा ने राजा का घमंड तोड़ दिया। आज भी आपको राजा का टूटा हुआ खंडहर महल गोपालगंज के थाने स्थित मंदिर के पास देखने को मिलेगा इसके साथ ही साथ आपको रहसू भगत का मंदिर भी मिलेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर आप स्वामी मंदिर में दर्शन करते हैं और मां दुर्गा का दर्शन नहीं करते हैं तो आपको पूजा का फल नहीं मिलेगा इसलिए जब भी आप थावे मंदिर जाए तो रहसू भगत के मंदिर में जरूर दर्शन कर ले।
3 thoughts on “Thawe Temple : बिहार के में स्थित वह चमत्कारी मंदिर जहां भक्त के मस्तक से प्रकट हुई थी मां दुर्गा, टूट गया था राजा का घमंड, देश विदेश से दर्शन के लिए आते हैं लोग”