Makar Sankranti 2026: हिंदू पंचांग में हर साल लगने वाला खरमास धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह अवधि तब आती है जब सूर्य ग्रह धनु या मीन राशि में प्रवेश करता है। इस समय को शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना गया है। धर्मशास्त्रों के अनुसार खरमास के दौरान कुछ ऐसे कार्य हैं जिनसे परहेज करना चाहिए, वरना परिवार में अशांति, आर्थिक हानि और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। आइए जानते हैं किन गलतियों से आपको इस पूरे महीने बचना चाहिए।
खरमास कब लगता है और क्यों माना जाता है अशुभ? (Makar Sankranti 2026)
खरमास साल में दो बार आता है—पहली बार सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने पर और दूसरी बार मीन राशि में प्रवेश करने पर। इस दौरान सूर्य की गति धीमी हो जाती है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय शुभ कार्यों से विराम लेकर साधना, दान-पुण्य और आत्म अनुशासन का होता है। इसी वजह से खरमास में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नई संपत्ति खरीदना जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।
1. विवाह या शुभ संस्कार कराने की गलती न करें
खरमास के दौरान सबसे बड़ी मनाही विवाह, सगाई, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक संस्कारों पर होती है। ऐसा माना जाता है कि इस समय किए गए शुभ कार्यों में बाधाएं आती हैं और वैवाहिक जीवन में कलह, तनाव और आर्थिक चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं। इसलिए परिवार का भला चाहते हैं तो इस एक महीने ऐसे कार्यों से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें।
2. नया घर, जमीन, वाहन या कीमती वस्तु न खरीदें
धर्म ग्रंथों में कहा गया है कि खरमास के दौरान किसी भी नई चीज़ की शुरुआत करना या कीमती वस्तुओं की खरीद करना शुभ नहीं होता। इससे आर्थिक हानि, कर्ज या धन संकट का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय खरीदी गई चीज़ें टिकती नहीं या उनसे अपेक्षित लाभ नहीं मिलता।
3. बहस, क्रोध और घर में कलह से बचें
खरमास को शांति और आत्म–अनुशासन का समय कहा गया है। इस दौरान घर में लड़ाई-झगड़ा, क्रोध या कटु वचन बोलना नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। ऐसा माना जाता है कि इस समय किए गए गलत व्यवहार का असर दोगुना पड़ता है, जिससे परिवार में तनाव और अवसाद बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए इस महीने संयम और शांति बनाए रखना बेहद जरूरी है।
4. पूजा-पाठ और दान-पुण्य की अनदेखी न करें
खरमास कोई दंड का समय नहीं बल्कि आध्यात्मिक साधना का काल है। इस महीने पूजा-पाठ, भजन कीर्तन, गायत्री मंत्र, सूर्य उपासना, व्रत और दान करने से परिवार में सकारात्मक ऊर्जा आती है। यदि आप यह सब नहीं करते, तो दुर्भाग्य और बाधाएं बढ़ने की आशंका रहती है। सूर्य देव को जल चढ़ाना, गरीबों को भोजन, कपड़े और जरूरतमंदों की मदद करना विशेष फलदायी माना गया है।
5. आलस्य, अनियमित दिनचर्या और लापरवाही से बचें
खरमास में कई लोग सोचते हैं कि शुभ कार्य निषेध है, इसलिए आराम करना चाहिए। लेकिन यह सोच गलत है। इस समय आलस्य, देर तक सोना, अनियमित भोजन या नकारात्मक सोच रखने से परिवार में नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकता है। यह महीना खुद को सुधारने का होता है, न कि जीवन को बिगाड़ने का।
6. क्रूरता, अपशब्द और गलत आदतों में न पड़ें
धर्म में कहा गया है कि खरमास के दौरान नकारात्मक कर्म तेजी से फल देते हैं। इसलिए शराब, मांसाहार, जुआ, झूठ बोलना, और दूसरों को नुकसान पहुंचाने जैसे कार्य अशुभ माने जाते हैं। इनसे घर में कलह, बीमारी और आर्थिक हानि का खतरा बढ़ जाता है।
खरमास में करें यह शुभ उपाय
✔ प्रतिदिन सूर्य देव को जल अर्पित करें
✔ गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करें
✔ हनुमान चालीसा, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें
✔ माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करें
✔ घर में सफाई और सकारात्मक माहौल बनाए रखें
खरमास का महीना भले ही शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है, लेकिन यह आत्मचिंतन, साधना और परिवार में शांति बनाए रखने का विशेष अवसर है। यदि आप इस दौरान बताई गई गलतियों से बचते हैं और अच्छे कार्यों का पालन करते हैं, तो परिवार पर आने वाला हर संकट दूर हो सकता है और घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है।